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सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कà¥à¤¯à¤¾ है
सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के बारे में हम सबने सà¥à¤¨à¤¾ है, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि इसके होने की कोई à¤à¤• वजह नहीं होती है? कई वजहों से हमारी सà¥à¤•िन में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है और यह चेहरे के अलावा à¤à¥€ शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में परेशानी की वजह बन सकती है। सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ उस अवसà¥à¤¥à¤¾ को कहते हैं, जब हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ इरिटेट या कहें उगà¥à¤° हो जाती है। à¤à¤¸à¤¾ हमारे इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने से होता है। इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® यह इशारा करता है कि हमारी सà¥à¤•िन किसी à¤à¤¸à¥€ चीज के संपरà¥à¤• में है, जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठनà¥à¤•सानदेह हो सकता है। परिणाम सà¥à¤µà¤°à¥‚प हमें सà¥à¤•िन में खà¥à¤œà¤²à¥€, रैशेज, जलन आदि महसूस और दिखाई देने लगते हैं। कई बार तो इस वजह से धबà¥à¤¬à¥‡, पितà¥à¤¤à¥€ और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सूजन तक आ जाती है। [1]
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